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जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन, मुज़फ्फ़रपुर ने मनाई “साहित्य डाॅ शिवदास पाण्डेय “की 89वीं जयंती

मुजफ्फरपुर (जनमन भारत संवाददाता)। सम्मेलन अध्यक्ष चितरंजन सिन्हा कनक की अध्यक्षता में आज दिनांक 08 -02 -2022 को अपराह्न दो बजे जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के संस्थापक अध्यक्ष ” साहित्य डाॅ शिवदास पाण्डेय “की वर्चुअल जयंती मनाई गई ।वर्चुअल मंच संचालन सम्मेलन के प्रधानमंत्री उदय नारायण सिंह ने किया। समारोह में बोलते हुए जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के संरक्षक साहित्य मार्तण्ड डाॅ महेन्द्र मधुकर ने कहा कि डाॅ शिवदास पाण्डेय का साहित्य कालजयी है ।उनके साहित्य को अब पढ़ने के साथ -साथ  गुणने की जरूरत है। कार्याध्यक्ष डाॅ शारदाचरण ने कहा कि डॉ. शिवदास पाण्डेय के साहित्य संसार के वितान से जब मैं गुजरता हूँ, तो मुझे लगता है कि मैं प्रकृति के संग चल रहा हूँ । सम्मेलन प्रधानमंत्री उदय नारायण सिंह ने कहा “साहित्य डाॅ शिवदास पाण्डेय व्यक्ति नहीं विचार हैं। मैं ने जितना उनको जाना उससे कहीं अधिक वे अनजाने रह गए ।अभी भी उनके बारे में बहुत कुछ जानना शेष है ।वे प्रणय गीत के वेताज बादशाह हैं।”सम्मेलन उपाध्यक्ष वंदना विजय लक्ष्मी ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूँ कि मुझे उनकी बेटी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।प्रेम कुमार वर्मा, गणेश प्रसाद सिंह, रमेश प्रसाद श्रीवास्तव, मधुमंगल ठाकुर, ठाकुर विनय कुमार शर्मा, देवेंद्र कुमार, उत्तम कुमार, डाॅ नीलिमा वर्मा, डाॅ हरि किशोर सिंह, डाॅ लोकनाथ मिश्र एवं डाॅ विजय शंकर मिश्र ने भी अपने शब्दों के श्रद्धा सुमन से साहित्य श्री डाॅ शिवदास पाण्डेय को अभिसिंचित किया ।अपने अध्यक्षीय उद्गार में सम्मेलन अध्यक्ष चितरंजन सिन्हा कनक ने कहा -“साहित्य श्री डाॅ शिवदास पाण्डेय बहुआयामीव्यक्तित्व के धनी थे ।वे न सिर्फ साहित्यकार थे, वरन् कुशल प्रशासक, एक कुशल शिक्षक और एक कुशल व्यवस्थापक तथा संस्थापक थे ।जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन, मुज़फ्फ़रपुर उनके प्रति आज श्रद्धानत है ,विनत है ।जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन को शिखर पर पहुँचाना उनके प्रति हम सभी की सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।”
             दूसरे सत्र में सम्मेलन के संरक्षक साहित्य मार्तण्ड डाॅ महेन्द्र मधुकर की अध्यक्षता में  कवि गोष्ठी हुई ।जिसमें डाॅ शारदाचरण,  उदय नारायण सिंह, डाॅ नीलिमा वर्मा, प्रेम कुमार वर्मा, डाॅ लोकनाथ मिश्र, डाॅ विजय शंकर मिश्र, देवेंद्र कुमार, ठाकुर विनय कुमार शर्मा एवं गोष्ठी अध्यक्ष साहित्य मार्तण्ड डाॅ महेन्द्र मधुकर ने अपनी कालजयी रचना सुनाकर कवि गोष्ठी को काव्य – सुगंध से सुवासित एवं महमह कर दिया ।
            धन्यवाद ज्ञापन सम्मेलन प्रवक्ता गणेश प्रसाद सिंह ने किया ।तत्पश्चात अध्यक्ष की अनुमति से कवि गोष्ठी की समाप्ति की गई ।

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