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बिहार सरकार ने आधारभूत शिक्षा में बदलाव के लिए भागीदारों के साथ मिलाया हाथ

–यूएसएआईडी की इंडिया पार्टनरशिप फॉर अर्ली लर्निंग (आईपीईएल) के साथ भारत के 137 जिलों में 66.5 मिलियन से अधिक बच्चों की शिक्षा में होगा सुधार 22 नवंबर, 2021

मुजफ्फरपुर(जनमन भारत संवाददाता)। बिहार सरकार और केयर इंडिया ने आज एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया। इसके साथ ही यूएसएआईडी की इंडिया पार्टनरशिप फॉर अर्ली लर्निंग(आईपीईएल) प्रोजेक्ट को भी लॉन्च किया गया है। इसकी मदद से सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में फाउंडेशन लर्निंग (एफएल) प्रदान करने की व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए राज्य में निपुण भारत के संचालन में मदद प्रदान की जाएगी। बिहार सरकार के माननीय शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री, विजय के चौधरी की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
निपुण भारत का समर्थन करने वाले प्रोजेक्ट 137 जिलों में बदलाव लाएंगे। ये प्रोजेक्ट पांच साल में 3,30,519 आंगनवाड़ी केंद्रों, 1,81,528 पब्लिक प्राइमरी स्कूलों, 66.5 मिलियन से अधिक पब्लिक स्कूल के बच्चों (3 से 8 साल की उम्र) तक पहुंचेगा।
केयर इंडिया (एक गैर-लाभकारी) के नेतृत्व वाले संघ, यूएसएआईडी आईपीईएल, का उद्देश्य चार प्रोजेक्ट राज्यों – बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और दक्षिण दिल्ली नगर निगम में निपुण भारत के संचालन में मदद प्रदान करना है ताकि सरकारी और निजी स्कूलों में लोगों को फाउंडेशनल लर्निंग को प्रदान करने की व्यवस्था में बदलाव लाया जा सके। इस प्रोजेक्ट को यूएसएआईडी द्वारा अपने प्रमुख कार्यक्रम के तहत वित्त पोषित किया गया है। यह प्रोजेक्ट ऊपर बताए गए राज्यों के शिक्षा विभाग के साथ काम करने के लिए सिस्टम को मजबूत बनाने वाली एप्रोच का प्रयोग करने का सुझाव देता है।
सुश्री वीना रेड्डी, मिशन डायरेक्टर, यूएसएआईडी/भारत ने राय व्यक्त करते हुए कहा कि “यूएसएआईडी की बिहार की सरकार और लोगों के साथ कई दशकों से लंबी और सफल साझेदारी रही है। आज लॉन्‍च किया गया आईपीईएल प्रोग्राम इस साझेदारी को एक महत्‍वपूर्ण गहराई और विस्‍तार देगा। आज लॉन्‍च किए गए आईपीईएल प्रोग्राम के माध्‍यम से, यूएसएआईडी राज्‍य के स्‍कूलों में बुनियादी कौशल प्रशिक्षण योजनाओं को लागू करेगा, जिसमें पाठ्यक्रम डिजाइन, शिक्षकों के लिए व्‍यावसायिक विकास कार्यक्रमों और डिजिटल पढ़ाई पर विशेष जोर दिया जाएगा।”
यूएसएआईडी का आईपीईएल शिक्षा विभाग (डीओई) और उसके संस्थानों के साथ काम करेगा ताकि निम्नलिखित पांच घटकों से जुड़े परिणाम हासिल किए जा सकें:

महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, केयर इंडिया फाउंडेशनल लर्निंग में अनुभवी संगठनों के साथ जुड़ रहा है। कंसोर्टियम के सदस्यों में सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन, केपीएमजी और रूम टू रीड (आरटीआर) शामिल हैं।
केयर इंडिया के सीईओ मनोज गोपालकृष्ण ने यूएसएआईडी और सहयोगी राज्यों को धन्यवाद देते हुए कहा “केयर के नेतृत्‍व वाले पार्टनर्स के कंसोर्टियम को बिहार में मूलभूत शिक्षण कार्यक्रम को लागू करने के लिए तकनीकी सहायता उपलब्‍ध कराने के लिए यूएसएआईडी और बिहार सरकार के साथ सहयोग करने का सौभाग्‍य प्राप्‍त हुआ है। केयर और उसके पार्टनर्स द्वारा प्रदान की गई यह तकनीकी सहायता राज्‍य सरकार को मूलभूत शिक्षण कार्यक्रम को लागू करने में सहायता करने के लिए विविध क्षमताएं प्रदान करेगी, जो वास्‍तव में राज्‍य में शैक्षिक परिणामों को बेहतर बनाने में मददगार होगी।”
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य है कि प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा और यूनिवर्सल फाउंडेशनल लिट्रेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) के माध्यम से सभी बच्चों को मजबूत आधारभूत शिक्षा मिले। इसे प्राप्त करने के लिए, एक राष्ट्रीय मिशन निपुण-भारत शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य है कि 2026-27 तक प्रत्येक बच्चे को ग्रेड 3 तक एफएलएन प्राप्त हो सके। जिसके लिए जरूरी है कि शिक्षा विभाग (डीओई) के नेतृत्व में राज्यों के बीच सहयोगात्मक प्रयास किया जाए, ताकि इसके लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

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