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विश्वविद्यालय धरना स्थल पर आज तीसरे दिन छात्र- छात्राओं ने धरना दिया

मुजफ्फरपुर (वरुण कुमार)। धरना में उपस्थित छात्र-छात्राएं,  एससी/ एसटी छात्रों एवं सभी वर्ग की छात्राओं के लिए नि:शुल्क शिक्षा का कानून विश्वविद्यालय में लागू क्यों नहीं? बिहार सरकार जवाब दो, बिहार विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी तानाशाही फरमान वापस लो, दलित एवं महिला विरोधी विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद, राज्य सरकार छात्र- छात्राओं के सवाल पर चुप्पी तोड़ो आदि रोषपूर्ण नारे लगा रहे थे।
इस दौरान छात्र प्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल कुलपति से मिलकर मांगों पर वार्ता किया। जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन अपने तुगलकी फरमान पर अड़ा रहा और वार्ता बेनतीजा रही।
वार्ता के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन राजभवन के आदेश का झूठा हवाला देकर एवं विश्वविद्यालय परीक्षा समिति की बैठक कर छात्रों से फीस वसूलने का आदेश जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह भी कहना है कि राज्य सरकार पैसे नहीं दे रही है। इसलिए छात्रों से पैसा वसूला जा रहा है जो पूरी तरह मनमाना और छात्र विरोधी निर्णय है। क्योंकि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालय उक्त छात्रों का नि:शुल्क नामांकन ले रही है और राज्य सरकार से फीस की मांग कर रही है जबकि बिहार विश्वविद्यालय, सरकार से पैसे की मांग करने के बदले एससी/ एसटी छात्रों एवं सभी वर्ग की छात्राओं से पैसे वसूल रही है।
छात्र प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार एवं राजभवन को भी मांगों का ज्ञापन ईमेल किया और उक्त मामले में अविलंब हस्तक्षेप कर छात्र हित में निर्णय लेने की अपील की।
अंत में मांगों के पूरा नहीं होने तक आंदोलन को जारी रखने के संकल्प के साथ आज का धरना कार्यक्रम खत्म किया गया।
धरना- प्रदर्शन कार्यक्रम का दीपशिखा कुमारी, निधि कुमारी, उजाला कुमारी, पूजा कुमारी, रिया कुमारी, अनु कुमारी, सौरभ सावर्ण, चंदन कुमार, राजीव रंजन, हिमांशु कुमार, ओमप्रकाश, हरिओम कुमार, शिव कुमार, यशवंत कुमार, मनीषा कुमारी, मुस्कान कुमारी, अभिषेक कुमार, अनन्या कुमारी, शिखा, दिव्या कुमारी, सुषमा कुमारी, दीपमाला, विक्रम कुमार आदि कर रहे थे।

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