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ट्रांसजेंडर्स’ के शिकायत निवारण के लिए प्रत्येक जिले में होंगे शिकायत निवारण पदाधिकारी

–जिला स्तर पर सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई को शिकायत निवारण पदाधिकारी नामित किया गया है तथा राज्य स्तर पर नोडल पदाधिकारी ट्रांसजेंडर समाज कल्याण निदेशालय को शिकायत निवारण पदाधिकारी नामित किया गया है
–मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा की याचिका पर आयोग  का अहम फैसला
मुजफ्फरपुर (जनमन भारत संवाददाता)। जिले के मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने ‘ट्रांसजेंडर्स’ के मानवाधिकार की रक्षा के लिए सकारात्मक पहल किये है। उन्होंने _’ट्रांसजेंडर्स के अधिकारों का संरक्षण अधिनियम 2019’_ का हवाला देते हुए आयोग में एक याचिका दायर किया था। याचिका में उन्होंने स्पष्ट किया था कि नियमावली के अनुसार-  _”उभयलिंगी व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा एवं उनकी समस्याओं से निपटने के लिए एक शिकायत अधिकारी होगा।”_ लेकिन आज तक पूरे राज्य एवं देश में विधेयक के आलोक में इस प्रकार के किसी भी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो पाई थी, जिसके पश्चात अधिवक्ता एस. के. झा के द्वारा बिहार मानवाधिकार आयोग के समक्ष एक याचिका दायर की गई थी। तत्पश्चात आयोग ने मामले की गंभीरता से सुनवाई करते हुए निदेशक समाज कल्याण विभाग बिहार सरकार से जबाव माँगा था, जिसके आलोक में निदेशक समाज कल्याण विभाग द्वारा याचिका में अंकित सारी बातों को अक्षरशः स्वीकार किया गया तथा ट्रांसजेंडर की समस्याओं को जिला स्तर पर निवारण के लिए सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई को शिकायत निवारण पदाधिकारी नामित किया गया है तथा राज्य स्तर पर नोडल पदाधिकारी ट्रांसजेंडर समाज कल्याण निदेशालय को शिकायत निवारण पदाधिकारी नामित किया गया है। तत्पश्चात आयोग द्वारा अंतिम विनिश्चय पारित किया गया है। मामले के सम्बन्ध में मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार देश का पहला राज्य होगा जहाँ ट्रांसजेंडरों की समस्या के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि लोकतान्त्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्तियों को स्वतंत्रता एवं विधि के समक्ष समता का अधिकार प्राप्त है। ट्रांसजेंडरों के हितों के लिए यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो ट्रांसजेंडरों के भविष्य के लिए मिल का पत्थर साबित होगा।

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