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संप्रभुता की रक्षा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए ही भाजपा का गठन:- संजय जयसवाल

*प्रकाशनार्थ*

मुजफ्फरपुर,18-12-21.

–भारत को बदलने के लिए गौरवशाली इतिहास को मन मस्तिष्क में पुनर्जीवित करना होगा:- प्रो. राकेश सिन्हा

–भाजपा के प्रशिक्षण में दूसरे दिन प्रदेश अध्यक्ष, राज्यसभा सांसद, मंत्री आदि ने लिया भाग

मुजफ्फरपुर(जनमन भारत संवाददाता)। जनसंघ और कालांतर में भाजपा का गठन सत्ता को जन आधारित तंत्र के मूल्य आधारित राजनीति को बढ़ावा देने के लिए ही हुआ है। क्योंकि सत्ता का मूल जन अर्थात जनता ही होता है और भाजपा का अंत्योदय का सिद्धांत भी इसी को आगे बढ़ाने के लिए सदा से प्रयासरत रहा है और रहेगा। आज के परिदृश्य में अगर भारत को बदलना है तो उसके लिए इसके गौरवशाली इतिहास को अपने मन मस्तिष्क में पुनर्जीवित करना होगा। उक्त विचार राज्य सभा सांसद प्रो.राकेश सिन्हा ने मिठनपुरा स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित मुजफ्फरपुर भाजपा प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।

दूसरे दिन के प्रथम सत्र की अध्यक्षता डा. अशोक शर्मा व संचालन जिला उपाध्यक्ष हरिमोहन चौधरी ने किया।

आजादी के बाद बिहार में   नए नए उद्योग स्थापित हुए लेकिन कालांतर में कांग्रेस की अन्य सरकार और उनके सहयोग से बनी सरकारों ने उन्हें नष्ट होने दिया। लेकिन इसके 70 साल बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन उद्योग को फिर से जीवंत करने का काम किया है। उक्त बातें बिहार सरकार के गन्ना व विधि मंत्री प्रमोद कुमार ने प्रशिक्षण सत्र में कहीं। सत्र की अध्यक्षता रामेश्वर पासवान एवं संचालन रविकांत सिन्हा ने किया।

देश की सुरझा व सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के संरक्षण एवं विकास के लिए ही भाजपा निर्माण किया गया था। क्योंकि जनसंघ और भाजपा को छोड़ कर अन्य दल की राजनीति केवल सत्ता के लिए समर्पित है। 1980 के राष्ट्रीय अधिवेशन में जब भाजपा की नीव पड़ रही थी तो उसके पंच निष्ठा के संकल्प में अंत्योदय और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को सबसे पहला लझ्य निर्धारित हुआ। उक्त बातें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा। सत्र की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रंजन कुमार व संचालन मनीष कुमार ने किया।

राष्ट्र, देश और राज्य एक ही नहीं बल्कि इनकी अलग अलग परिभाषा है। भारत भाजपा के दृष्टिकोण से राज्य या देश नहीं राष्ट्र है। क्योंकि राष्ट्र एक सांस्कृतिक इकाई को कहते है। अंग्रेजो ने भारत को राष्ट्र नहीं माना बल्कि विविध भाषा और संस्कृति वाला समूह बताते रहे है। जो भारत को मानसिक गुलाम बनाने की कुत्सित प्रयास था। उक्त बातें संघ के बिहार झारखंड सह प्रचारक रामकुमार जी ने प्रशिक्षण के दौरान कहा। सत्र की अध्यक्षता कपिलेश्वर प्रसाद व संचालन महामंत्री मनोज कुमार ने किया।

भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए भाजपा को सत्ता में बनाए रखना कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। जिसके लिए कार्यकर्ताओं को आत्मविश्वास, सकारात्मकता, आत्म नियंत्रण, मन की एकाग्रता और आत्मनिर्भरता के भाव के साथ जन सेवा में लगे रहना होगा। उक्त बातें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री नन्द किशोर यादव ने प्रशिक्षण के दौरान कहा। सत्र की अध्यक्षता किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष उमेश पांडे व संचालन उपाध्यक्ष राज कुमार साह ने किया।

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा जो देश की विचारधारा है वही भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा है. उन्होने कहा कि
विचार व्यक्ति व समाज को आईना दिखाता है और यह विचार ही है, जो किसी व्यक्ति या संगठन को खड़ा करता है या रसातल में ले जाता है। व्यक्ति का निर्माण भी विचार से ही होता है और विचार की लड़ाई लड़कर ही व्यक्तियों ने इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाया है।
उन्होंने कहा कि जिन विचारधारा को लेकर भारत के आजादी की लड़ाई लड़ी गई और हमारा देश आजाद हुआ किन्तु मूल विचारधारा से भटकने के कारण हम जाति धर्म और मजहब के आधार पर बंटे ।

सत्र की अध्यक्षता केदार सहनी ने व संचालन धर्मेंद्र साहू ने किया।

जिला प्रवक्ता सह कार्यक्रम मीडिया प्रमुख सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि तीसरे दिन के सत्र में विधान पार्षद सह प्रदेश महामंत्री देवेश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजेश कुमार वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष राधा मोहन शर्मा शामिल होंगे.

दूसरे दिन के सत्र में मुख्य रूप भाजपा जिलाध्यक्ष रंजन कुमार, जिला प्रभारी रमेश श्रीवास्तव, जिला महामंत्री सह प्रशिक्षण प्रभारी सचिन कुमार सहित जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष व महामंत्री,प्रकोष्ठ व विभाग के संयोजक सहित सभी अपेक्षित कार्यकर्ता शामिल हुए।

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