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आपातकाल कांग्रेस के राजनीतिक विनाश के साथ उसके प्रति आम आदमी की आस्था और विश्वास का खात्मा था : देवेश

–‘काला दिवस’ का आयोजन कांग्रेस की आलोचना करने भर के लिए नहीं बल्कि संविधान पर इसके जोखिम के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए है: भाजपा जिलाध्यक्ष रंजन कुमार
–आपातकाल कांग्रेस के लिए भले ही कोई नया कीर्तिमान रहा होगा लेकिन देश की जनता के लिए यह किसी बुरे सपने जैसा था: भाजपा
–आपातकाल का विरोध करने वालों को सरकार ने ब्रिटिश हुकूमत के दौरान किए गए अत्याचारों की याद दिला दी थी: रंजन
मुजफ्फरपुर (जनमन भारत संवाददाता)। आपातकाल लोकतंत्र के साथ एक भद्दा मजाक भर नहीं था बल्कि देश की उस जनता के साथ छलावा भी था जिसने आजाद भारत में कई आजाद सपने पाल रखे थे। ये बातें भाजपा प्रदेश महामंत्री सह विधानपार्षद देवेश कुमार ने आपातकाल लोकतंत्र का काला अध्याय पर जिला भाजपा द्वारा आयोजित संगोष्टी में कही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के स्वार्थ व अंहकार में देश पर आपातकाल थोपकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की हत्या कर दी आज आपातकाल को 47 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उसकी टीस आज भी लोगों के जहन में मौजूद है। जिन लोगों ने इसको देखा और झेला वह आज भी उस दौर को नहीं भूल सके हैं। कहा कि आपातकाल कांग्रेस के लिए भले ही कोई कीर्तिमान रहा होगा लेकिन देश की जनता के लिए यह किसी बुरे सपने जैसा ही था, जिसमें संविधान की आड़ में तानाशाही की जा रही थी जिसको लेकर कांग्रेस पर सभी पार्टियां हमेशा ही सवाल उठाती रही हैं निःसंदेह आपातकाल कांग्रेस के राजनीतिक विनाश के साथ उसके प्रति आम आदमी की आस्था और विश्वास का खात्मा था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून का दिन अपनी पूरी कालिमा के साथ आता है।  इतना काला कि उसके उजास के लिए अगले दिन का इंतज़ार करना होता है।  यह दिन प्रतीक है तानाशाही का। तानाशाही के एक ऐसे दौर का जिसने भारत के लोकतंत्र को बदनुमा दाग दिया। रात के बारह बजे तानाशाह इंदिरा गांधी ने अपनी मनमानी करते हुए देश की आत्मा पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने पांचवी लोकसभा का चुनाव रायबरेली से जीतकर संसद में कदम रखा था।  जब सरकारी मशीनरी के दुरूपयोग का मामला लेकर श्री राजनारायण उच्च न्यायालय गए तो उनके पक्ष में निर्णय देते हुए न्यायालय ने इंदिरा गांधी का निर्वाचन रद्द कर दिया।  इस पर इंदिरा गांधी गुस्से से बौखला उठीं और उन्होंने ऐसा कदम उठाने का निर्णय लिया, जो सबसे काले काल के रूप में जाना जाने वाला था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष रंजन कुमार ने कहा कि आपातकाल की काली रात याद कर आज भी सिहर उठते हैं लोग कि कैसे आपातकाल का विरोध करने वालों को सरकार ने ब्रिटिश हुकूमत के दौरान किए गए अत्याचारों की याद दिला दी थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपने आप को यदि सचेत रखना है तो, हम सभी को आज का दिन याद रखना होगा याद रखना होगा कि आपातकाल के दौरान एक परिवार ने सत्ता सुख के खातिर संविधान का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल के 47 साल पूरे होने के मौके पर ‘काला दिवस’ का आयोजन कांग्रेस की आलोचना करने भर के लिए नहीं बल्कि संविधान पर इसके जोखिम के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने आम जन की आवाज कुचलने की पूरी कोशिश की।  धारा-352 लगा दी गई जिसके तहत सरकार को असीमित अधिकार मिल गए। इस धारा के मुताबिक इंदिरा जब तक चाहें सत्ता में रह सकती थीं। लोकसभा-विधानसभा के लिए चुनाव की जरूरत नहीं थी। मीडिया और अखबार आजाद नहीं थे। सरकार कैसा भी कानून पास करा सकती थी सेंसेर और प्रजातंत्र के एकाधिकार द्वारा श्रीमति इंदिरा गांधी जनता को विपक्ष से पूरी तरह से काट देना चाहती थीं। लेकिन हुआ ठीक इसका उलट। उनके प्रचार-तंत्र की विश्‍वसनीयता खत्‍म सी हो गई थी। भूमिगत साहित्‍य ने विपक्ष से जनता को जोड़े रखा। इसके विपरीत श्रीमति इंदिरा गांधी जनता से बुरी तरह से कट गईं। जनमानस की मन: स्थि‍ति की इसी स्थिति से गैर जानकार रहने के कारण श्रीमति गांधी चुनाव कराने का फैसला ले बैठीं और जब उन्‍होंने जन-मानस का बदला हुआ रूप देखा, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
 वहीं सांसद अजय निषाद  ने कहा  कि एक परिवार के विरोध में उठने वाले स्वरों को कुचलने के लिए थोपा गया आपातकाल आजाद भारत के इतिहास का एक काला अध्याय है। 21 महीनों तक निर्दयी शासन की क्रूर यातनाएं सहते हुए देश के संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले सभी देशवासियों के त्याग व बलिदान को आज मैं नमन करता हुं।
आपातकाल की यातनाओं एवं अपने अनुभव को साझा करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता विष्णुकांत झा ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान आज ही के दिन 25 जून, 1975 को आपातकाल लागू की गई थी कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर देश की जनता के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया था। भूखे, बेरोजगार, निराश्रित लोगों पर सहानुभूति की बजाय उनसे अमानवीय व्यवहार किया गया और बलपूर्वक नसबंदी जैसा असंवेदशील कार्यक्रम चलाया गया।आपातकाल के दौरान देश में संवैधानिक संकट पैदा हो गया था। संस्थाओं पर कांग्रेस का कब्जा हो गया था और कांग्रेस की प्रशंसा करने वाले लोगों को ही इन संस्थाओं में काम करने का मौका दिया गया था। इस दौरान सरकार का विरोध करने वालों को जेल भेजा गया पूरे के पूरे देश को जेलखाना बना दिया गया था।
मौके पर जनसंघ से जुड़े जिले में भाजपा के संस्थापक सदस्य प्रमोद शाही ने कहा कि भारत की आत्मा गॉंवों में बस्ती है आपातकाल की भयावहता ने उनकी आत्मा को झकझोर डाला था। गाँव की बेबस मासूम जनता के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। बहुत से गॉंव ऐसे थे जिन पर सत्ता के आदेश पर अत्याचार किये गये किन्तु उनका कोई व्यौरा दर्ज नहीं किया था। अपना प्रभुत्व सबसे निचले तबके तक बनाये रखने के लिए तथा आपातकाल का खौफ बनाने के लिए निरपराध एवं मासूमों को टार्गेट किया गया। और इन्हें झूठे केसों में गिरफ्तार किया गया था।
कार्यक्रम में आपातकाल से जुड़े जनसंघ काल के वरिष्ठ भाजपा नेता विष्णुकांत झा एवं प्रमोद शाही जिनका भाजपा जिलाध्यक्ष रंजन कुमार, सांसद अजय निषाद एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानपार्षद देवेश कुमार ने अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ दे कर सम्मान किया।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री सह मुख्यालय प्रभारी सचिन कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री धर्मेंद्र साहू ने किया ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से
भाजपा के प्रदेश महामंत्री बेबी कुमारी, जिला प्रभारी रमेश श्रीवास्तव, पूर्व उपमहापौर विवेक कुमार
जिला उपाध्यक्ष हरिमोहन चौधरी, निर्मला साहू, राजकुमार साह, जिला मंत्री संजीव झा, आदर्श कुमार , जिला मीडिया प्रभारी धनंजय झा, सम्राट कुमार एवं सुजीत कुमार, अशोक सहनी, मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह, विधि प्रकोष्ठ के संयोजक आनंद कृष्ण ,किसान मोर्चा अध्यक्ष उमेश पांडे, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष फेकू राम, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद, विधि प्रकोष्ठ के संयोजक अनिल कुमार सिंह, आशीष अग्रवाल, नंद किशोर पासबान, पवन दुबे, अरविंद सिंह, मुकेश चंद्रवंशी, ओमप्रकाश कुमार तिहारी, परितोष सिंह, केशव चौवे, आनंद राठौड़, मनोज नेता, हरि किशोर बैठा, अलीमुद्दीन चिश्ती,दिलिप कुमार, संदीप सोनी ,भारत रत्न, आदित्य सिंह, विकास गुप्ता की उपस्थिति रही।

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