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एसओपी के आलोक में मद्य निषेध को प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में पूरी पारदर्शिता, प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें: प्रणव कुमार

मुजफ्फरपुर (जनमन भारत संवाददाता)। जिले में मद्धनिषेध के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एवं बिहार मद्ध निषेध और उत्पाद अधिनियम से संबंधित विभिन्न प्रावधानों की जानकारी उपलब्ध कराने के  निमित्त तथा अन्य तकनीकी एवं महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में विस्तृत जानकारी मुहैया कराने के मद्देनजर जिले के सभी एसएचओ ,एलटीएफ ,जेल से संबंधित पदाधिकारी, सभी दंडाधिकारी ,जिला प्रशासन के सभी पदाधिकारियों ,स्पेशल पीपी तथा अन्य पदाधिकारियों की संयुक्त उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन सभाकक्ष में किया गया।
 इस उन्मुखी कार्यक्रम में स्वयं जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक जयंत कांत, अपर समाहर्ता राजस्व राजेश कुमार, उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार राय उपस्थित थे।
बैठक में प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध निषेध और उत्पाद अधिनियम -2016 यथा संशोधित अधिनियम 2022 तथा बिहार मध्य निषेध और उत्पाद नियमावली- 2021 यथा संशोधित नियमावली 2022 के प्रावधानों को लागू करने हेतु जो एसओपी बनाई गई है उक्त आलोक में बिंदुवार सभी विषयों की विस्तृत जानकारी वरीय पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी के द्वारा उपस्थित पदाधिकारियों को उपलब्ध कराई गई।
 उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि उक्त अधिनियम से संबंधित एसओपी के आलोक में मद्य निषेध को प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में पूरी पारदर्शिता, प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि बिहार मद्धनिषेध  और उत्पाद अधिनियम 2016 और बिहार मद्धनिषेधऔर उत्पाद नियमावली 2021 से सम्बंधित संशोधनों के पीछे उद्देश्य है:-कार्यपालिका के साथ-साथ न्यायपालिका की कागजी कारवाई और कार्य बोझ को कम करना, राजसात के मुकदमों और नीलामी में कमी लाना, पुलिस एवं उत्पाद विभाग का अवैध शराब की आपूर्ति श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित कर अवैध कारोबार को ध्वस्त करना है।
 प्रशिक्षण कार्यक्रम में     1-4 -2022 के पहले के जप्त वाहनों के निष्पादन के संबंध में जहां राजसात की प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं हुई है, जहां राजसात का निर्णय प्रक्रियाधीन है, जहां राजसातका निर्णय दिया जा चुका है और नीलामी नहीं हुई है ,जहां राज्यसात का निर्णय दिया जा चुका है और नीलामी भी हो गई है किंतु नीलामकर्ता द्वारा वाहन को भौतिक रूप से नहीं हटाया गया है,उपरोक्त सभी बिंदुओं पर क्या करना है इस संबंध में जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि  निर्धारित एसओपी के अनुसार कार्य करना सुनिश्चित करें।
 वही 1-4 -2022 के बाद के बाद जब्त वाहनों के बारे में किए जाने वाले करवाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।कई बिंदुओं पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा प्रकट की गई जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पेनाल्टी की गणना, वाहनों/ परिसरों को मुक्त नहीं करने की परिस्थितियां, पीने वालों के संबंध में, पीने वाले को पेनाल्टी पर छोड़ने से मना करने के संबंध में, पीने वाले अभियुक्तों के पास से शराब और वाहन होने के संबंध में, विशेष न्यायालयों से धारा 37 के लंबित मामलों का स्थानांतरण, आई ई एम एस में डाटा एंट्री, अपीलीय रिवीजनल प्राधिकार, जब शराब का विनिष्टिकरण इत्यादि के बारे में विस्तृत जानकारी प्रशिक्षण कार्यशाला में उपलब्ध कराई गई।

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