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बॉयलर ब्लास्ट मामले में सभी घायलों को मुआवजा नहीं मिलने पर मानवाधिकार अधिवक्ता ने जताई नाराजगी

–बिहार मानवाधिकार आयोग ने आठ जुलाई तक जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर के प्रतिवेदन पर अधिवक्ता से माँगा प्रतिउत्तर

–15 जुलाई को आयोग में होगी मामले की सुनवाई

मुजफ्फरपुर (जनमन भारत संवाददाता)। जिले के बेला औद्योगिक क्षेत्र, फेज-2 में बॉयलर ब्लास्ट होने से हुए 7 (सात) मजदूरों की मौत के मामले में बिहार मानवाधिकार आयोग के आदेश पर हो रहे जाँच में जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर द्वारा आयोग में जाँच रिपोर्ट दाखिल किया गया है। उस जाँच रिपोर्ट में कुल मृतकों की संख्या सात तथा घायलों की संख्या दो बताई गई है। जबकि उसी प्रतिवेदन में बॉयलर इंस्पेक्टर कैलाश प्रसाद सिंह द्वारा मृतकों की संख्या छः तथा घायलों की संख्या छह बताई गई है। विदित हो कि मामले की निष्पक्ष जाँच हेतु मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा के द्वारा आयोग में एक याचिका दायर की गई थी, जिसपर आयोग ने मामले के संबंध में संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर को जाँच का आदेश दिया था। मामले के संबंध में मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने बताया कि जिलाधिकारी मुज़फ्फरपुर के प्रतिवेदन के अनुसार कुल मृतकों की संख्या सात तथा घायलों की संख्या दो है जबकि बॉयलर इंस्पेक्टर कैलाश प्रसाद सिंह के जाँच प्रतिवेदन में मृतकों की संख्या छह तथा घायलों की संख्या छह है। छह मृतकों के परिजनों को मुआवजे की राशि भी दी गई है, जबकि एक मृतक के परिजन को सारण जिले के जिला आपदा प्रशाखा को मुआवजे की राशि भुगतान संबंधी प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है। लेकिन सभी घायलों को मुआवजा दिए जाने के संबंध कोई जिक्र नहीं किया गया है। मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने इसपर आपत्ति जताते हुए कहा कि बॉयलर इंस्पेक्टर के जाँच प्रतिवेदन में जितने घायलों का जिक्र किया गया है, उन सभी को मुआवजा हर हाल में मिलना चाहिए। बताते चले कि मामले में मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा से बिहार मानवाधिकार आयोग द्वारा जिलाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में प्रतिउत्तर की माँग की गई है। आयोग द्वारा सुनवाई की अगली तिथि पंद्रह जुलाई निर्धारित की गई है।

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