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जब हम इस्तेमाल कर रहे है, तो दूसरे क्यों सरमा रहे है: सैयद किरमानी

–स्पीच एंड हियरिंग केअर प्राइवेट लिमिटेड एक ही छत के नीचे सुनने और बोलने के सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराती है: अनुराग कुमार
मुजफ्फरपुर (जनमन भारत संवाददाता)। जुरन छपरा के रोड नंबर 2 में स्पीच एंड हियरिंग केयर प्राइवेट लिमिटेड का विधिवत उद्घाटन पद्मश्री व 1983 वर्ल्ड कप के विजेता टीम के सदस्य क्रिकेटर सैयद किरमानी और संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराग कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
 मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित पद्मश्री सैयद किरमानी ने कहा कि वह करीब 18 वर्षों से श्रवण यंत्र का उपयोग कर रहे हैं। खेल के दौरान ही उनके कान के पर्दे पर चोट आ गई थी। जिसके कारण सुनने की शक्ति धीरे-धीरे चली गई। लेकिन वाइडेक्स कंपनी के श्रवण यंत्र का उपयोग करने पर उन्हें किसी प्रकार की अब कोई समस्या नहीं है। उन्होंने उन सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों की सुनने की क्षमता कम हो गई है, वह बहुत ही सहजता से अपने कान की मशीन का उपयोग करें और सुनने की शक्ति को बढ़ाएं। पहले उन्हें काफी असहज महसूस होता था। लेकिन अब इसके फायदों को देखते हुए उन्होंने दूसरे लोगों को भी सलाह देनी शुरू कर दी है। वह खुद एक डेनमार्क की कंपनी वाइडेक्स के ब्रांड एंबेसडर है। उनकी कंपनी गरीब और बेसहारा लोगों के बीच मुफ्त में मशीन देती है। हम सामाजिक कार्य भी करते रहते हैं। वही क्रिकेट को लेकर उन्होंने कहा कि पहले और आज के क्रिकेट में जमीन और आसमान का फर्क है। युवाओं को बेहतर माहौल मिल रहा है। ऐसे में उन्हें खेल पर ध्यान देने की आवश्यकता है। वह बेहतर खेलेंगे, तो देश दुनिया में नाम कमाएंगे।
 वहीं संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराग कुमार ने कहा कि स्पीच एंड हियरिंग केअर प्राइवेट लिमिटेड एक ही छत के नीचे सुनने और बोलने के सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराती है। हम करीब दो दर्जन से अधिक शहरों में अपनी शाखाएं खोल चुके हैं और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह हमारा सेवा भाव है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते जन्मजात शिशु का उपचार कराएं, तो बच्चा 3 साल में सामान्य स्कूल में पढ़ने के लायक हो जाएगा और अगर उपचार नहीं होता है, तो बच्चा सदैव के लिए बहरा और गूंगा हो जाएगा। उन्होंने जन्मजात शिशु में बहरेपन की पहचान के 5 लक्षण बताएं। जिसमें प्रीमेच्योर बेबी, जन्म के दौरान बच्चे में पीलिया होना, बच्चे के जन्म के तुरंत बाद नहीं रोना, रिलेशन में शादी करना और कम वजन के बच्चे का जन्म होना आदि में ये लक्षण पाए जाते हैं।  अगर इन सभी का तुरंत इलाज कर दिया जाए, तो बच्चा समाज की मुख्यधारा में जुड़कर अपना विकास कर सकता है।
वही ईएनटी वरिष्ठ डॉक्टर बीके राय ने कहा कि अभी सबसे बड़ी समस्या साउंड पोलूशन को लेकर है। इस पर हम जागरूकता के जरिए काबू पा लेते हैं, तो बहुत हद तक हम बहरेपन की समस्या को कम कर सकते हैं।
 इस अवसर पर डॉ. पी के शाही, नवनीत कुमार समेत बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोग उपस्थित उपस्थित थे।

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